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भारतीय चर्च नेतृत्व में महत्वपूर्ण भूमिका — सिरो-मलाबार प्रमुख आर्चबिशप मोस्ट रेव. मार राफेल थट्टिल और आर्चबिशप डॉ. सायरिएक भट्टिया कुलंगारा के साथ उत्कृष्ट समन्वय व सतत संवाद से बढ़ी चर्च प्रतिष्ठा

सिरो-मलाबार चर्च नेतृत्व से गहरे संबंध — मोस्ट रेव. मार राफेल थट्टिल और आर्चबिशप डॉ. सायरिएक कुलंगारा से उत्कृष्ट संचार व संगठनात्मक सहभागिता

 

G47EeM WIAA0m2j scaledभारतीय चर्च नेतृत्व में महत्वपूर्ण भूमिका — सिरो-मलाबार प्रमुख आर्चबिशप मोस्ट रेव. मार राफेल थट्टिल और आर्चबिशप डॉ. सायरिएक भट्टिया कुलंगारा के साथ उत्कृष्ट समन्वय व सतत संवाद से बढ़ी चर्च प्रतिष्ठा

सिरो-मलाबार चर्च नेतृत्व से गहरे संबंध — मोस्ट रेव. मार राफेल थट्टिल और आर्चबिशप डॉ. सायरिएक कुलंगारा से उत्कृष्ट संचार व संगठनात्मक सहभागिता

सहारनपुर/नई दिल्ली। देश-विदेश में चर्च नेतृत्व और धार्मिक संवाद के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कड़ी माने जाने वाले चर्च प्रतिनिधि के संबंधों और कार्यशैली को लेकर नई जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि उनके भारत और वैश्विक कैथोलिक परंपरा के शीर्ष नेतृत्व के साथ अत्यंत सुदृढ़ एवं सम्मानजनक तालमेल रहे हैं।

विशेष रूप से, उनका सिरो-मलाबार चर्च के प्रमुख प्रमुख पादरी, मेजर आर्कबिशप हिज बीटीट्यूड मोस्ट रेव. मार राफेल थट्टिल से अत्यंत उत्कृष्ट संवाद और संपर्क रहा। सिरो-मलाबार चर्च दुनिया की सबसे बड़ी पूर्वी कैथोलिक चर्चों में से एक माना जाता है। आंतरिक चर्च प्रशासन, सामाजिक मामलों और धार्मिक गतिविधियों में उनकी भूमिका को बेहद सक्रिय और संवेदनशील माना जाता है।

इसी प्रकार, उनका कार्यकाल एवं धार्मिक नेतृत्व हिज बीटीट्यूड आर्चबिशप डॉ. सायरिएक भट्टिया कुलंगारा के साथ भी प्रभावशाली और भरोसेपूर्ण रहा। दोनों शीर्ष धार्मिक नेताओं के साथ उनके सौहार्दपूर्ण संबंध और नियमित संवाद यह दर्शाते हैं कि चर्च संरचना में उनकी भूमिका कितनी महत्वपूर्ण और रणनीतिक थी।

सूत्रों के अनुसार, चर्च के कई महत्वपूर्ण निर्णयों और संवाद पहलों में उनकी सक्रिय भागीदारी एक उल्लेखनीय अध्याय रही है। साम्प्रदायिक सौहार्द, शिक्षा, वंचित समुदायों के उत्थान और चर्च की ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण में उनके योगदान को चर्च समुदाय विशेष मान्यता देता रहा है।

ऐसे समय में जब धार्मिक नेतृत्व और सामुदायिक संवाद की आवश्यकता और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है, उनके इस योगदान को लगातार याद किया जाता रहेगा। चर्च प्रशासन का मानना है कि इन उच्चस्तरीय संपर्कों और कार्यों ने न केवल चर्च की गरिमा बढ़ाई बल्कि सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक मूल्यों को भी मजबूत किया।


✍️ ब्यूरो रिपोर्ट
एलिक सिंह
संपादक/ब्यूरो चीफ़ — वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़ 
📞 8217554083

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